7 कारण कीमती हीरे रूपी बुजुर्गों को सहेजने के लिए!!

Group of Kids

एक मकान की नींव मजबूत होना जितना जरुरी होता है, उतना ही महत्व छत का भी होता है। इन दोनों तत्वों की मजबूती मकान को स्थायित्व देती है। एक मजबूत नींव मकान की मजबूत बुनियाद का सबब बनती है तो वहीं मजबूत छत हर मौसम की दुश्वारियों को झेल हमें सुरक्षित बनाये रखती है।

क्या आप जानते हैं कि असल जीवन में हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में, हमारे चारित्रिक गुणों के संवर्धन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

हमारे बुजुर्ग।

एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, जिन घरों में बच्चे बुजुर्गों के साथ बड़े होते हैं, उनकी तार्किक क्षमता, धैर्य, परिस्थितियों के साथ सामंजस्य अकेले बड़े होने वाले बच्चों से कहीं अधिक होता है। अब आप सोचेंगे कि आजकल मूल्य कहाँ है गुणों का, तो ये ध्यातव्य है कि संघ लोक सेवा आयोग से रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड तक होने वाली हर परीक्षा तक लॉजिकल रीजनिंग यही होती है।

एक समाज के तौर पर बुजुर्गों का योगदान किसी से छुपा नहीं है लेकिन पिछले ३० वर्षों में हुए सामाजिक परिवर्तनों ने परिवार की व्यवस्था में संयुक्त को एकल से परिवर्तित कर दिया। पहले दादी का चश्मा ढूंढ़ते बच्चे कहीं खो से गए, बाबा की लाठी को पकड़ कर पार्क टहलना भी अब ‘रेयर ऑफ़ द रेयरेस्ट’ हो गया है

पिछले एक दशक में आपने अपने आसपास कुछ बेचैन करती घटनाएँ देखी होंगी, भले ही गौर न किया हो। बढ़ते अपराध, बच्चों में बढ़ती एंग्जायटी और कम उम्र में ही हाई होते ब्लड के प्रेशर और कमजोर दिल, एक अजीब कैफियत बयां करते हैं। आइये एक नजर उन भावनाओं के सागर पर जिन्हें हम और आप बुजुर्ग कहते हैं।

1. आपके बच्चे के हाई आईक्यू की गारंटी हैं बुजुर्ग:

दादी नानी के साथ बढ़ते बच्चे किस्से कहानियाँ सुनकर बड़े होते हैं। बच्चों को अगणित सवालों के उतने ही मासूम जवाब मिलते हैं। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उनका सर्वांगीण विकास इन्क्लूडिंग हाई आईक्यू भी है।

2. बुजुर्ग माने मोर क्रिएटिव बच्चे:

जिन बच्चों के साथ बुजुर्ग होते हैं, उनके क्रिएटिव स्फीयर में बेतहाशा वृद्धि होती है। उन्हें सोचने समझने और अपने विचारों को बुनने में मदद मिलती है। ऐसे बच्चे अपनी क्रिएटिविटी से आपको चौंका सकते हैं।

3. अनुभवों का पिटारा हैं आपके बुजुर्ग, सहेजिये इन्हें:

आपकी किसी समस्या को हल करना हो या किसी किसी शरारत के बाद बच निकलना हो, बुजुर्ग आपका सेफ्टी वाल्व होते हैं। अपनी सेफ्टी के इस प्रॉमिनेंट वाल्व को प्यार और अपनेपन से रखिये।

4. पर्यावरण प्रेमी बनते हैं आपके बच्चे

बुजुर्गों का साथ आपके बच्चों को पर्यावरण प्रेमी बनाता है। खाली समय में बाग़बानी करते दादा दादी को विस्मय से देखते बच्चे वैसा ही आचरण करते हैं, पेड़ पौधों से उनका लगाव बहुत मजबूत हो जाता है।

5. संस्कारों की ढाणी हैं बुजुर्ग

अच्छे को प्रेरित करके बुरे से रोकने का काम घर के बुजुर्ग ही करते हैं। अच्छी आदतों का बालमन में पौधारोपण बुजुर्गों के हाथों से ही होता है। जिन संस्कारों की सामाजिक रूप से कमी हम सबको खलती है, उसको पूरा बुजुर्ग सकते हैं। अपने बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए अपने बुजुर्गों का अच्छे से ध्यान रखिये।

6. धार्मिक बनाते हैं बुजुर्ग:

नियमित पूजापाठ और धार्मिक चर्चा और परिचर्चाओं में रहने के कारण घर के बच्चों का ध्यान ईश तत्व की ओर बढ़ता है। इन चारित्रिक गुणों के कारण बच्चों के मन में धर्म प्रस्थापित होता है जो अकेले में उन्हें किसी भी प्रकार के वर्जित क्रियाकलापों से रोकता है। आपके बच्चों में धर्म प्रस्थापना की सफल एवं सुरक्षित निवेश करते हैं बुजुर्ग।

7. स्मार्टफोन नहीं, किताबें पढ़ाते हैं बुजुर्ग:

घर में जब दादीबाबा नहीं होते तो घरेलू कार्य में उलझी गृहणी को अपने बच्चे को एक जगह शांत बिठाने के लिए मोबाइल थमाना एक आसान उपाय होता है। इससे बच्चे के स्वभाव में एकाकीपन और किसी की उपस्थिति में क्रोध करने जैसी समस्या देखी जाती है। घर में मौजूद बुजुर्ग, इन बच्चों को मोबाइल से दूर किताबों की खूबसूरत दुनिया दिखाते हैं। इस कारण उनका बौद्धिक स्तर अप्रत्याशित रूप से अधिक होता जाता है, कॉन्फिडेंस की नींव यही पड़ती है जो घर पर दादी बाबा की मौजूदगी करती है।

बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं। उन्हें अपनी अगली पीढ़ी के उपयुक्त विकास के लिए सहेजना जरुरी है। उन्हें जो जीवन के झंझावातों का अनुभव है, उसका उपयोग अपने परिवार के विकास में लगाइये, बुजुर्ग किसी भी राष्ट्र की अमूल्य निधि होते हैं। सहेजिये इन्हें, क्यूंकि आने वाले कल मजबूत नींव यही हैं तो आपके ऊपर छाँव करती वो छत भी यही हैं जो आपके लिए मौसम की हर चुनौती को पटखनी देते हैं।

Author Bio

Hemendra Chaturvedi

Hemendra Chaturvedi

With a Masters Degree in Human Resources (Minors), he is an excellent communicator. With a passion in writing, in both Hindi and English, he is a blogger, and his articles have been published in Opindia and Kreately.

1 thought on “7 कारण कीमती हीरे रूपी बुजुर्गों को सहेजने के लिए!!”

  1. 100% सत्य लिखा है। अपने जवान बच्चों को अवश्य फारवर्ड करें, जो अभी अभी माता पिता बने हैं, या निकट भविष्य में बनने जा रहे हैं।

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