Age Power

This “Age Power” section has been started to share your, our reader’s, views on “Harnessing Energy of Senior Citizens In Nation Building”. You may also find your write-up here. Write a piece in 500 to 700 words and send to us.

लक्ष्य हो तो सुनहरी उम्र भी बनेगी खुशहाल

लक्ष्य हो तो सुनहरी उम्र भी बनेगी खुशहाल With a Goal, the Golden Years Can Be Truly Joyful

पिछले दिनों मुझे स्वामी गिरीशानंद सरस्वती जी महाराज के पांच दिवसीय श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय पर उनके ओजस्वी प्रवचन सुनने का सौभाग्य मिला। प्रतिदिन वे ऐसे अनेक प्रसंग सुनाते थे, जो दिल और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ जाते थे। एक दिन उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी को सही मायने में जीने के लिए जीवन

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बदलता घर, बदलता बचपन

बदलता घर, बदलता बचपन A Changing Home, A Changing Childhood

अगर आप उन किस्मत वालों में से एक हैं, जो सत्तर वर्ष की आयु पार कर चुके हैं, तो थोड़ा दिमाग पर जोर देते हुए याद करने का प्रयास कीजिए कि जब आप स्कूल और कॉलेज में पढ़ते थे, तब आपके घर का वातावरण कैसा रहता था। अब उसी वातावरण की तुलना आज के घर

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दूसरी पारी के बाद भी किसी की जिंदगी बचा सकते हैं हम

दूसरी पारी के बाद भी किसी की जिंदगी बचा सकते हैं हम Even After Our Second Innings, We Can Save Someone’s Life

13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया गया। हर साल यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे जाने के बाद भी हम किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी में रोशनी छोड़ सकते हैं। लेकिन अंगदान की बात आते ही एक सवाल खासकर वरिष्ठ नागरिकों के मन में आ सकता है—क्या मेरी उम्र में भी मेरे

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असली और वर्चुअल जिंदगी में बहुत अंतर है

असली और वर्चुअल जिंदगी में बहुत अंतर है Beyond the Screen: What the Virtual life Cannot Replace

आज हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं, जहां हमारे दोस्त, रिश्तेदार और परिचित केवल हमारे आसपास ही नहीं, हमारे मोबाइल फोन में भी रहते हैं। सुबह उठते ही वाट्सएप के संदेश, फेसबुक की पोस्ट और इंसाटाग्राम के अपडेट हमारा इंतजार कर रहे होते हैं। कई बार तो लगता है कि हम अकेले हैं

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जीवनसाथी के बिना जीने की तैयारी

जीवनसाथी के बिना जीने की तैयारी Preparing to Live Without Your Spouse

एक ऐसा विषय है, जिसका सामना हर बुजुर्ग दंपती को कभी न कभी करना है, लेकिन इस पर बात करने का साहस बहुत कम लोग जुटा पाते हैं—जब जीवनसाथी नहीं रहेगा, तब मैं कैसे जीऊंगा? आज के समाज में बुजुर्ग अलग-अलग परिस्थितियों में रह रहे हैं। कुछ दंपती साथ रहते हैं, जबकि उनके बच्चे दूसरे

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जीना सीखें मरने से पहले

जीना सीखें मरने से पहले Learn to Live Before You Die

हम केवल एक बार मरते हैं, लेकिन तब तक हमें हर दिन जीने का अवसर मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उम्र बढ़ना नहीं है। असली चुनौती है जीवन के अंत की प्रतीक्षा करना छोड़कर वर्तमान को पूरे उत्साह से अपनाना। दुर्भाग्य से अनेक वरिष्ठ नागरिक अनजाने में अपनी सेवानिवृत्ति के वर्षों

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वरिष्ठ नागरिकों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं

वरिष्ठ नागरिकों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं Elderly Care is Everyone's Responsibility

उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2050 तक भारत का हर पांचवां व्यक्ति 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का होगा। आज हर नौवां भारतीय वरिष्ठ नागरिक है और वर्ष 2035 तक यह संख्या बढ़कर हर सातवें व्यक्ति तक पहुंच जाएगी। यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इस बात का संकेत हैं कि देश को तेजी

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दूसरी पारी में अच्छी सेहत का महत्व

The Importance of Good Health in the Second Innings दूसरी पारी में अच्छी सेहत का महत्व

बढ़ती उम्र में अच्छी सेहत सबसे बड़ा उपहार है। यही हमें बीमारियों से दूर रखती है, ऊर्जावान बनाए रखती है और आत्मनिर्भर होकर जीवन जीने का आत्मविश्वास देती है। दूसरी पारी का आनंद तभी लिया जा सकता है जब हमारा शरीर और मन दोनों हमारा साथ दें। हर व्यक्ति की उम्र, शरीर, जीवनशैली और स्वास्थ्य

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वरिष्ठजन: अपना अहम् छोड़िए, खुश रहिए

वरिष्ठजन: अपना अहम् छोड़िए, खुश रहिए Elders - Let Go of Ego, Embrace Happiness

अहम् वह अदृश्य बोझ है जो हमें भीतर ही भीतर परेशान करता रहता है। याद रखिए, अहम् छोड़ने का अर्थ अपनी गरिमा छोड़ना नहीं है। सेवानिवृत्ति के बाद अधिकांश वरिष्ठजन अपने समय का सदुपयोग करने के लिए किसी सामाजिक संस्था, क्लब, धार्मिक संगठन, आरडब्ल्यूए या अपनी सोसायटी की गतिविधियों से जुड़ जाते हैं। यह एक

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वरिष्ठजन के लिए डिजिटल भारत में मानवीय विकल्प आवश्यक

वरिष्ठजन के लिए डिजिटल भारत में मानवीय विकल्प Digital India Needs a Human Touch for Senior Citizensआवश्यक

देश तेजी से डिजिटल हो रहा है। बिजली का बिल हो, पानी का बिल, बैंकिंग, पेंशन, के.वाई.सी., टिकट बुकिंग, अस्पताल का पंजीकरण, सरकारी योजनाओं का लाभ या किसी भी प्रकार का प्रमाणीकरण—लगभग हर काम अब मोबाइल ऐप या ऑनलाइन माध्यम से होने लगा है। यह परिवर्तन समय की आवश्यकता भी है और इससे पारदर्शिता, गति

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खुशियां जो कभी पुरानी नहीं होतीं

खुशियां जो कभी पुरानी नहीं होतीं Simple Joys Never Grow Old

एक समय था जब खुश रहने के लिए किसी बड़ी योजना की आवश्यकता नहीं होती थी। खुशियां अपने आप, चुपचाप और सहज ही जीवन में आ जाती थीं। गर्मी की छुट्टियों का नाम सुनते ही मन उत्साह से भर जाता था। स्कूल बंद होते और सालाना पारिवारिक यात्रा की तैयारी शुरू हो जाती। हमारे लिए

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संस्कारों की विरासत: जिम्मेदारी किसकी?

संस्कारों की विरासत: जिम्मेदारी किसकी? The Values (Sanskar) Gap: Who Is Responsible?

आज जब भी हम मित्रों, रिश्तेदारों या परिचितों के बीच बैठते हैं, एक बात लगभग निश्चित रूप से चर्चा में आ जाती है—”आजकल बच्चे हमारी बात मानते ही नहीं।” कई लोग यह भी कहते हैं कि बच्चों पर दोस्तों या शिक्षकों की बात का असर अधिक होता है, जबकि माता-पिता और परिवार के बड़े पीछे

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