वरिष्ठ नागरिको के लिए वित्तीय साक्षरता के 6 मंत्र

वरिष्ठ नागरिको के लिए वित्तीय साक्षरता आवश्यक

एक सर्वे के अनुसार वरिष्ठ नागरिको के मन में अगर सबसे ज्यादा चिन्ता रहती हैं तो वो दो मुख्य विषय है उनकी सेहत की चिन्ता व उनकी वित्तीय स्थिति।

अपना देश जब आजाद हुआ था तब भारतवासी की औसत आयु 35 वर्ष थी। अब यह बढकर 70 वर्ष हो गयी है। उम्र नागरिको की बढ़ रही हैं, पर साथ साथ बीमारियां भी ज्यादा लग रहीं है। हां, अच्छी चिकित्सा के फलस्वरूप हम आयु ज्यादा पा रहे हैं।

बढ़ी हुई उम्र में अगर हम अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखे व योग और कसरत बराबर करते रहे तो अवश्य ही हमारा बुढ़ापा आनंदमय रहेगा।

इसी तरह हमारा वित्तीय प्रबंधन भी सही रहे तो हमारा जीवन बहुत सुखमय रहेगा। लक्ष्य निर्धारण, मासिक आय, आपदा व बचाव के उपाय, निवेश, वित्तीय स्वतंत्रता के साथ साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही वित्तीय योजना के बारे में जानना भी जरूरी है।

रिटायर होने के बाद हमारे आय के श्रोत बहुत सीमित हो जाते है और फिर अपना जीवन उस उपलब्ध पूंजी पर ही गुजारना पड़ता है। हां, ऐसे भी परिवार है जहां बच्चे या अन्य रिश्तेदारो का सहयोग मिलता रहता है।

सबसे पहले जानते हैं कि वित्तीय साक्षरता क्या हैं। सरल भाषा में इसे ऐसे भी कह सकते है – वित्तीय साक्षरता एक सूचित वित्तीय निर्णय लेने के लिए जागरूकता, ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और व्यवहार है।

एक यहां पर उद्हारण देते हैं जिससे यह समझने में आसानी होगी कि सही ज्ञान व उसके अनुरुप अगर हम अपने निर्णय ले तो वित्तीय सकंट शायद न आये। मेगा सुपर-स्टार अमिताभ बच्चन का नाम सभी ने सुना होगा। उन्होंने बहुत ख्याति के साथ साथ बहुत पैसा भी कमाया। अपनी एक कम्पनी अमिताभ बच्चन कोर्पोरेशन लिमिटेड बनाई। 1999 में इस कम्पनी का हाल बुरा हो गया और की 90 करोड़ की देनदारी हो गई। पर अमिताभ ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने धीरे धीरे अपने अपको वापस इस संकट से उभार लिया। आज वो करिब 3000 करोड़ के मालिक है।

हमारा लक्ष्य तो यहीं होना चाहिए कि जीवन भर हम आर्थिक रूप से मजबूत रहें।

वित्तीय साक्षरता के मंत्र

  1. वित्तीय लक्ष्य और योजनाएं – जहां यह सब शुरू होता है
  2. बजट और आपातकालीन निधि – धन के प्रबंधन की कला
  3. बचत और निवेश – अपने पैसे को बढ़ाना
  4. ऋण का प्रबंध करना, ऋणों को नियंत्रण में रखना
  5. बीमा और पहचान की चोरी – जोखिम सुरक्षा
  6. उत्तराधिकार की योजना बनाना

बढ़ती उम्र में एक और जो बहुत आवश्यक काम सब को करना है, वो हैं अपनी सभी वित्तीय जानकारी को सूचीबद्ध करले और इसे साझा करे, जिससे भी आपको पूरा विश्वास हैं। इसे हल्के में न ले। बहुत से एसे उद्हारण सामने आये है जब आपकी जमा पुंजी आपके वारिस उपयोग नहीं कर सके क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था। कुछ जानकारी जो आज ही नोट करे

  1. बैंक खातों का सारांश
  2. निवेश
  3. बीमा पॉलिसियां
  4. मित्रों और परिवार से/को ऋण
  5. सुरक्षा जमा/डिजी लॉकर
  6. ऑनलाइन लेनदेन के लिए वित्तीय सलाहकार, लॉन्गिन/पासवर्ड

बजट बनाना भी बहुत आवश्यक हैं। अपने को मुद्रा स्फीति पर विषेश ध्यान देना होगा। आज हमारा खर्च अगर 50,000 रुपये महिने हैं, तो यह जान ले कि 5 वर्ष बाद उन्हीं खर्चो के लिए हमें 70,000 चाहिएगा, अगर हम मुद्रा स्फीति 7 प्रतिशत मान कर चले। इस कारण आप समझ सकते है कि हमे अपना बजट बनाना, हमें कहा अपना निवेश करना है इसकी सही जानकारी होनी चाहिए।

यहां यह बताना भी सही होगा कि वरिष्ठ नागरिक के लिए क्या क्या योजना उपलब्ध हैं बचत करने के लिए। पूरी जानकारी तो इस लेख में नहीं दि जा सकता हैं, फिर भी इन योजनाओं के विषय में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)
  • प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY)
  • वरिष्ठ नागरिक सावधि जमा (SCFD)
  • डाकघर मासिक आय योजना (POMIS)
  • कर मुक्त बांड (Tax free bonds)
  • निष्क्रिय ऋण कोष (Passive debt funds)
  • सॉवरेन गोल्ड बांड (Sovereign gold bonds)
  • उल्टा गिरवी रखना (Reverse mortgage)
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना (National pension scheme)
  • जीवन बीमा
  • चिकित्सा बीमा

यह विषय इतना व्यापक है कि यहां इसकी पूरी जानकारी देना संभव नहीं हैं। कुछ समय पहले इस विषय पर एक वेबिनार का आयोजन, नेवर से रिटायर्ड, ने वरिष्ठ नागरिको के लिए किया था। मेरा आग्रह होगा की आप इसे जरुर सुने और अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करे। बहुत सहज तरीके से अपनी पूंजी का सही सही कैसे इन्वेस्टमेंट करे व कैसे प्रबंधन करे इस वेबिनार में बताया गया हैं। इसे आज भी यू-ट्यूब पर इस लिंक पर देखा जा सकता हैं https://youtu.be/NQRzPpQx8e0

आपकी अगर कुछ जिज्ञासा हो तो आप ईमेल पर अपने सवाल पूछ सकते हैं – info@neversayretired.in

लेखक

Rishi Khator, Chartered Accountant

श्री ऋषि खटोड, पिछले 28 वर्ष से चार्टर्ड एकाउंटेंट की प्रेक्टिस कर रहे हैं, वित्तीय ज्ञान (Financial Literacy) पर किताब लिख चुके है और टैक्सेसन व वित्तीय प्रबंधन पर परिचर्चाओं में अक्सर भाग लेते हैं। इसी विषय पर ये कार्पोरेट, छात्रो व अन्य के लिए कार्यशाला भी करते हैं।

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