नेवर से रिटायर्ड – 60 नॉट आउट’ का वृंदावन में लोकार्पण

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वृंदावन, 13 जुलाई। वरिष्ठ नागरिकों के सक्रिय, सम्मानजनक और उद्देश्यपूर्ण जीवन का संदेश देने वाली, लेखक विजय मारू की पहली पुस्तक ‘नेवर से रिटायर्ड – 60 नॉट आउट’ का लोकार्पण आज वृंदावन में पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी एवं स्वामी गिरिशानंद सरस्वती जी के पावन करकमलों से सम्पन्न हुआ।

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विजय मारू पिछले कई वर्षों से केवल वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, उनकी चुनौतियों, संभावनाओं और दूसरी पारी को केंद्र में रखकर नियमित लेखन कर रहे हैं। अब तक वे इस विषय पर 110 से अधिक लेख लिख चुके हैं और इनकी लेखनी जारी है, जो देश के विभिन्न समाचार-पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं तथा ‘नेवर से रिटायर्ड’ की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। संभवतः वरिष्ठ नागरिकों के जीवन पर इतने व्यापक और सतत लेखन के उदाहरण बहुत कम मिलते हैं।

इस पुस्तक में उन्हीं लेखों में से 60 चयनित लेख संकलित किए गए हैं। इनका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को यह विश्वास दिलाना है कि जीवन के स्वर्णिम वर्ष निष्क्रियता के नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता, सीखने, योगदान देने और आनंदपूर्वक जीने के वर्ष हो सकते हैं। पुस्तक के शीर्षक में “60” का चयन भी प्रतीकात्मक है, क्योंकि हमारे समाज में सामान्यतः इसी आयु को सेवानिवृत्ति की शुरुआत माना जाता है। पुस्तक का संदेश स्पष्ट है — साठ वर्ष जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई और सार्थक शुरुआत है।

पुस्तक में संकलित लेख किसी अकादमिक शोध का परिणाम नहीं हैं, बल्कि जीवन को निकट से देखने, समझने और अनुभव करने की संवेदनशील यात्रा के पड़ाव हैं। इनमें कहीं अनुभव हैं, कहीं प्रेरणा, कहीं आत्ममंथन और कहीं जीवन को नए उत्साह के साथ अपनाने का संदेश।

पुस्तक का मूल उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों में आत्मविश्वास जगाना है कि वे स्वयं को समाज पर बोझ नहीं, बल्कि उसकी अमूल्य धरोहर समझें। वे अपने अनुभव, ज्ञान और ऊर्जा के माध्यम से परिवार और समाज को समृद्ध बनाते रहें। साथ ही यह पुस्तक परिवारों और समाज को भी वरिष्ठजनों की गरिमा, भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने का संदेश देती है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश जी ने पुस्तक की प्रस्तावना लिखी है।

वर्ष 2021 में विजय मारू ने ‘नेवर से रिटायर्ड’ अभियान की शुरुआत की थी। आज यह अभियान देशभर के हजारों वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंच चुका है और उन्हें सक्रिय, सम्मानजनक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहा है।

240 पृष्ठों की इस पुस्तक में 60 चयनित लेख छह विषयगत अध्यायों में संकलित किए गए हैं। पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण भी साथ ही प्रकाशित किया गया है, जिससे इसका संदेश अधिक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंच सके।

पुस्तक के लेखक विजय मारू का कहना है, “यदि इस पुस्तक को पढ़कर किसी वरिष्ठ के मन में जीवन के प्रति नया उत्साह जागे, कोई पुराना सपना फिर से जीवित हो जाए, कोई अकेलापन आशा में बदल जाए, या कोई यह महसूस करे कि उसका जीवन आज भी उतना ही मूल्यवान और उपयोगी है, तो मैं अपने इस प्रयास को सफल मानूंगा।”

‘नेवर से रिटायर्ड’ अभियान को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से देशव्यापी “वरिष्ठजन सर्वे अभियान” का भी शुभारंभ किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के वरिष्ठ नागरिकों की आवाज सुनना, उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को व्यवस्थित रूप से एकत्रित करना तथा उन्हें समाज, नीति-निर्माताओं तथा सरकार तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। अभियान का विश्वास है कि वरिष्ठजनों के अनुभव और सुझाव न केवल उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होंगे, बल्कि एक अधिक संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

‘नेवर से रिटायर्ड’ अभियान का मूल संदेश है —

हर वरिष्ठ सक्रिय • हर वरिष्ठ सम्मानित • हर वरिष्ठ उपयोगी


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