वरिष्ठ जन – सीखते रहें, कुछ भी!

बढ़ती उम्र में एक ही गुरु मंत्र है, हम सीखते रहें हर पल, कुछ भी, कभी भी। जिस दिन हम सीखना बंद कर देंगे तो सच मानिए इसी दिन हमारी वृद्धावस्था शुरू हो जाती है। सीखने को तो हम कुछ भी सीख सकते हैं, बस मन में दृढ़ निश्चय कर लें कि हमें सीखते रहना […]
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