---
url: 'https://neversayretired.in/life-wonderful-after-sixty/'
title: 'ज़िंदगी गुलजार है, गर साठ के पार है'
author:
  name: विजय मारू
  url: 'https://neversayretired.in/author/vijaymaroo/'
date: '2021-04-12T23:06:40+05:30'
modified: '2024-08-17T19:18:23+05:30'
type: post
categories:
  - Age Power
image: 'https://neversayretired.in/wp-content/uploads/2021/04/pexels-old-age-life.jpg'
published: true
---

# ज़िंदगी गुलजार है, गर साठ के पार है

सच्चाई कड़वी होती है। यूँ तो है ये एक मुहावरा, लेकिन प्रचलन में भी बहुत है। ताने मारने और व्यंग में बहुत उपयोग होता है। इसको यदि सरल हिंदी में उदाहरण के रूप में समझाया जाये तो सच्चाई को बुढ़ापा मानिये और उसका स्वाद हम सबको पता है।

बुढ़ापा अक्सर बीमारी का समानार्थक माना जाता है और लोग अपने को जवान दिखाने की सनक में क्या क्या प्रयास नहीं करते हैं। इसके साइड इफेक्ट्स की बात कभी और, आज हम बात करेंगे बुढ़ापे के उन अनछुए पहलुओं की, जिनके बारे में कभी बात नहीं होती।

तो मसला ये है कि बचपन को मासूम मान, लोग इसके लौटने की दुआ करते हैं तो एडवेंचर, एक्सपोज़र और फन के लिए जवानी को गुलजार मान लिया जाता है। अब तीसरे पहर की बात करें तो वो सर्वाधिक अवांछनीय और दुत्कार सहता पहलू है बुढ़ापा, जिससे किसी को हमदर्दी नहीं। लेकिन ये ऐसा स्टेशन है जहाँ जिंदगी की ट्रेन अपनी रफ़्तार से पहुंचती ही नहीं, धीमी भी हो जाती है।

खैर, छोड़िये इस कड़वी सच्चाई को। एक सच्चाई और भी है, जो परदे के पीछे है, जो हमें गुदगुदाती है। कुछ तथ्य हैं, जो सबके सामने हैं लेकिन लोग देखते नहीं, ये अनछुए पहलु सामाजिक हैं, सबके बीच लेकिन इनकी हंसी दबी ढकी सी है, उपेक्षित।

सफ़ेद होते बाल, धुंधली होती नजर, झुकती कमर, रेगुलर मेडिकल चेकअप्स और अकेलेपन के बोझ के अलावा भी हम ये कह सकते हैं कि ज़िंदगी की सुबह रौशन ही 60  के बाद होती है। गौर कीजिये, किसी आइजैक को न्यूटन बनने में एक उम्र लगती है। किसी अल्फ्रेड से डायनामाइट वाला धमाका बचपन या जवानी में नहीं होता, अनुभव की सफेदी वहां भी लगती है, जो नोबल कॉज के लिए एक अलंकरण बना देती है, एक समय वही नाम विश्व की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को नोबल प्राइज के नाम से अलंकृत करता है। । ग्राहम बेल बनने के लिए एलेग्जेंडर को असफलताओं की धीमी आंच में पकना होता है, जिसमें साथ एक उम्र ही देती है।

अल्बर्ट जबतक जवान था, उसे मूर्ख समझा गया, आइंस्टाइन वो तब बना जब बाल सफ़ेद हुए और चेहरे ने झुर्रियों की संगत पाई। केएफसी वाले अंकल चिकन बेचना शुरू ही 62 में किये थे। इस प्रकार, सफलता और बुढ़ापे का  सीधा सम्बन्ध है।

बुढ़ापे का एक ख़ास पहलू संजीदगी को भी माना जाता है। याद कीजिये वो कॉलेज वाले दिन जब बैचलरहुड में किराये पर कमरा नहीं मिलता था। कहीं विवाद हो या दंगा, शांति समिति में जो लोग बुलाये जाते हैं, सभी बुजुर्ग होते हैं।

बेमिसाल शिकायतों और कोसे जाने के बाद भी ऐसे तमाम फायदे हैं, जो आपको सिर्फ बुढ़ापे में ही मिलते हैं। आइये एक नजर डालते हैं उन फायदों पर जिनके लिए आप भी बेसब्री से इंतज़ार करेंगे – अपने बूढ़े होने का।

- **टैक्स में छूट:** सरकारें किसी भी पार्टी की हों, बुजुर्गों को फायदे देना उनकी प्राथमिकता में होता है। इसीलिए एक खास आयु वर्ग को टैक्स में छूट दी जाती है। सोचिये, जिस टैक्स को बचने के लिए सारी ज़िन्दगी हम तिकड़म भिड़ाते हैं, बुढ़ापा यूँ ही दिला देता है।
- **कम किराया:** सफर बस का हो या ट्रेन का, सीनियर सिटीजन ट्रेंड में हमेशा रहता है। इन्हें किराया भी कम देना होता है और सीट सिलेक्ट करने की आज़ादी भी।
- **सरकार की प्रायोरिटी – बुजुर्ग**: कोरोना के टीकाकरण में सबसे पहले बुजुर्गों को टीके लगाए गए। आपको लगता होगा कि शारीरिक रुप से अक्षम होने के कारण ऐसा हुआ, लेकिन उनकी महत्ता को दृष्टिगोचर करते हुए ये फैसला हुआ।
- **टॉप ब्यूरोक्रेट्स:** एक सिविल सेवा अधिकारी 22 वर्षीय युवा हो सकता है, लेकिन सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी अथवा चीफ सेक्रेटरी से लेकर सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की आयु वर्ग देखिये, वृद्ध होने पर अभिमान करेंगे आप।
- **पोस्ट रिटायरमेंट इंगेजमेंट:** सरकारी अधिकारियों को सेवानिवृत्ति पश्चात विभिन्न सेवाओं में दोबारा चुना जाता है। उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से जांच कराई जाती है, जो विवादित विषय हों। कोई युवा नौकरी छोड़ने के बाद दोबारा बुलाया गया हो, ऐसे उदाहरण नहीं मिलते कहीं। तो समझिये, विशिष्ट कौन? युवा अथवा आप?

ये कुछ ऐसे तथ्य हैं जिन पर बहस हो सकती है कुछ उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं कि सफलता और अनुभव एक दूसरे के पूरक हैं(युद्ध और खेल को छोड़कर)

- **एना मैरी रॉबर्ट्सन मोसेस: **इन्होने अपना पेंटिंग कॅरिअर 78 वर्ष की आयु में शुरू किया था। 2006 में इनकी एक पेंटिंग 1.2 मिलियन डॉलर में बिकी थी।
- **हेरी बर्नस्टेइन:** एक लेखक जिसे प्रसिद्धि 96 वर्ष की आयु में प्राप्त हुई।
- **आरिआना हफिंगटन:** इन्होंने सुप्रसिद्ध द हफिंगटन पोस्ट को 55 वर्ष की आयु में प्रारम्भ किया।
- **नेल्सन मंडेला**: जब जेल से रिहा हुए तब 72 वर्षीय थे।
- **मेट्रोमैन ई श्रीधरन** केरला विधानसभा का चुनाव 88 वर्ष में लड़ने जा रहे हैं।
- आपके राजनितिक झुकाव किसी भी दल की ओर हो किन्तु **प्रधानमंत्री मोदी** की 72 वर्ष में ऊर्जा देख युवा भी चकित रह जाते हैं।
- 2011 में मैराथन दौड़ने वाले वयोवृद्ध एथलिट **फौजा सिंह** थे जिन्होंने 100 वर्ष की आयु में इसको पूरा किया।

अपने आसपास की नकारात्मकता को निकाल फेंकिए। ये जग वैसा ही दिखेगा जैसे आप देखने की कोशिश करेंगे। अपनी उम्र से अपनी अहमियत का अंदाजा मत लगाइये। आप अनुभव हैं। एक बच्चे की परवरिश सर्वांगीण विकास के में भतेरे आयाम उसके दादा/दादी और नाना/नानी ही जोड़ सकते हैं। बहुतेरे अनुभवों का संदूक है आपके पास, जिसमें हर समस्या का समाधान और चेहरों की मुस्कान की चाभी है।  विकास का पहिया आपसे है। घर की तपती छत से जमीन की ठंडक तक, आप से है। आप हैं तो हम हैं। आज भी आप बहुमूल्य अनुभवों की ऐसी पारसमणि हैं, जो जिस काम में हाथ डाले, सोना कर दे। इस अनुभव का किसी देश, किसी समाज के पास कोई तोड़ नहीं, कोई विकल्प नहीं और उपरोक्त उदाहरणों से ये साबित भी किया गया है। इनमें भारतीय ऋषिकुल के उन महात्माओं का वर्णन नहीं किया गया है जिनसे ये सृष्टि, ये धरा, ये वनस्पति और ये खगकुल के साथ चंद्रनक्षेत्र हैं, जिनकी खोज इन महाऋषियों ने की। और ये हम सभी को ज्ञात है कि महर्षि वशिष्ठ हों या विश्वामित्र, गौतम हों या वाल्मीकि और जमदग्नि, ज्ञान और अनुभव के लिए उम्र का साथ जरुरी है। स्वस्थ रहिये, मुस्कुराइए, क्यूंकि विशिष्ट हैं आप, हमारे बुजुर्ग हैं आप।

#### लेखक परिचय 

![Hemendra Chaturvedi](https://neversayretired.in/wp-content/uploads/2021/03/hemendra-chaturvedi-150x150.jpg)

हेमेंद्र चतुर्वेदी

अभी तक इस खंड में जितने भी लेख हमने पोस्ट किए वह अंग्रेजी में थे. आज यह पहला लेख हम हिंदी में दे रहे हैं. इसके लेखक हेमेंद्र चतुर्वेदी जो कुछ दिनों पहले हमारे लिए एक अंग्रेजी में लेख लिखे थे जिसका टाइटल था, Top 10 boons of old age to mankind. इस लेख का लिंक है – [https://neversayretired.in/top-10-boons-of-old-age-to-mankind/](https://neversayretired.in/top-10-boons-of-old-age-to-mankind/)

